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New CGHS Wellness Centres : केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में नया विस्तार

By Admin

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New CGHS Wellness Centres : केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में नया विस्तार
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केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी अब और आसानी से स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। सरकार ने हाल ही में 22 नए CGHS वेलनेस सेंटर खोलने को मंजूरी दे दी है, जो देशभर में फैले हैं। यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा प्रयास है।

CGHS क्या है और क्यों महत्वपूर्ण?

CGHS यानी सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम, केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके परिवारों के लिए एक व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना है। यह योजना 1954 में शुरू हुई थी और आज लाखों लाभार्थियों को कवर करती है। वर्तमान में देश में 342 एलोपैथी वेलनेस सेंटर और 111 आयुष यूनिट्स काम कर रहे हैं, जो 81 शहरों में फैले हुए हैं।

यह योजना कैशलेस इलाज, दवाइयां और ओपीडी सेवाएं प्रदान करती है। दिल्ली जैसे शहरों में 87 एलोपैथी सेंटर हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में 48 सेंटर सक्रिय हैं। यह आंकड़ा 31 जनवरी 2025 तक का है, जो योजना की पहुंच को दर्शाता है।

कर्मचारी भविष्य निधि या पेंशन लेने वाले सभी केंद्र सरकार के लोग पात्र हैं। योजना में न्यूनतम 2500 प्रिंसिपल कार्डधारक या 6000 लाभार्थी होने चाहिए, तभी नया सेंटर खुलता है। इससे स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ बनती हैं।

नए CGHS वेलनेस सेंटरों की मंजूरी: पूरी लिस्ट

13 फरवरी 2026 को लोकसभा में दिए गए जवाब के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्रालय ने 22 नए सेंटरों को हरी झंडी दे दी है। ये सेंटर विभिन्न राज्यों में खुलेंगे, जैसे भिलाई, दुर्ग, नर्मदापुरम। हरियाणा में बहादुरगढ़, रेवाड़ी, रोहतक नए स्थान होंगे ।

झारखंड का जमशेदपुर, गुजरात का साबरमती, राजस्थान के भारतपुर और अलवर भी सूची में हैं। उत्तराखंड में हल्द्वानी, नैनीताल, हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला, कांगड़ा शामिल हैं। पंजाब का पटियाला, कर्नाटक के उडुपी, शिवमोग्गा, तेलंगाना का वारंगल, आंध्र प्रदेश का तिरुपति, महाराष्ट्र का नवी मुंबई, उत्तर प्रदेश का हापुड़ और मंगलुरु भी लिस्ट में हैं ।

ये सेंटर खुलने से इन क्षेत्रों के हजारों कर्मचारियों को फायदा होगा। मसलन, नवी मुंबई जैसे व्यस्त इलाके में अब लोकल स्तर पर इलाज मिलेगा। यह विस्तार योजना को और मजबूत करेगा।

नए सेंटर खुलने की प्रक्रिया और शर्तें

नया CGHS वेलनेस सेंटर खोलने के लिए सख्त नियम हैं। सबसे पहले 2500 प्रिंसिपल कार्डधारक या 6000 लाभार्थी होने चाहिए। इसके बाद जगह, डॉक्टर, फार्मासिस्ट, नर्स और क्लर्क जैसे पदों की जरूरत पड़ती है। ये पद DoPT यानी कार्मिक मंत्रालय बनाता है, जबकि फंडिंग वित्त मंत्रालय से आती है ।

मेरठ जिले में पहले से 8 सेंटर चल रहे हैं, इसलिए वहां नया प्रस्ताव विचाराधीन नहीं। शमली के लिए भी कोई योजना नहीं है। लेकिन भविष्य में जरूरत पड़ने पर विचार हो सकता है। यह प्रक्रिया पारदर्शी है और संसाधनों पर निर्भर करती है।

सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों को कवर करना है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं का बोझ बड़े शहरों पर कम होगा।

CGHS के फायदे: क्यों है यह योजना गेम चेंजर?

CGHS के तहत कैशलेस इलाज मिलता है, जो पेंशनरों के लिए वरदान है। योजना में ओपीडी, दवाइयां, जांचें और अस्पताल में भर्ती सब कवर होता है। पात्रता सरल है- केंद्र सरकार के मौजूदा कर्मचारी, रिटायर्ड पेंशनर और उनके आश्रित।

आंकड़ों से पता चलता है कि योजना लाखों लोगों को लाभ पहुंचा रही है। मिसाल के तौर पर, महाराष्ट्र में 50 एलोपैथी सेंटर हैं, जो व्यस्त जीवनशैली वाले कर्मचारियों की मदद करते हैं। आयुष यूनिट्स योग और आयुर्वेद को बढ़ावा देते हैं, जो आधुनिक स्वास्थ्य से जुड़ता है।

कई बार निजी बीमा से तुलना होती है, लेकिन CGHS सस्ता और विश्वसनीय है। वार्षिक योगदान कम है, फिर भी कवरेज व्यापक। यह योजना कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाती है।

राज्यवार CGHS सेंटरों का वितरण: एक नजर

देशभर में सेंटरों का वितरण असमान है, लेकिन विस्तार हो रहा है। नीचे टेबल में राज्यवार आंकड़े हैं (31 जनवरी 2025 तक)।

राज्य/केंद्रशासित प्रदेशएलोपैथी सेंटरआयुष यूनिट्स
दिल्ली8731
उत्तर प्रदेश4812
महाराष्ट्र5011
कर्नाटक144
तेलंगाना146
तमिलनाडु174+2
कुल342111

यह टेबल दिखाता है कि उत्तर भारत में ज्यादा सेंटर हैं, लेकिन नए अप्रूवल दक्षिण और पूर्व को मजबूत करेंगे।

भविष्य की योजनाएं और चुनौतियां

नए 22 सेंटरों से कुल संख्या 364 के करीब पहुंच जाएगी। सरकार डिजिटल कार्ड और ऑनलाइन अपॉइंटमेंट पर जोर दे रही है। CGHS आधिकारिक वेबसाइट से लाभार्थी आसानी से कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

चुनौतियां भी हैं, जैसे स्टाफ की कमी और जगह का इंतजाम। लेकिन DoPT और वित्त मंत्रालय मिलकर इसे सुलझा रहे हैं। पेंशनरों की संख्या बढ़ने से डिमांड ज्यादा है।

लाभार्थियों के लिए टिप्स: कैसे उठाएं अधिकतम फायदा

सबसे पहले CGHS कार्ड बनवाएं। CGHS पोर्टल पर ऑनलाइन अप्लाई करें। SMS कन्फर्मेशन मिलने पर ई-कार्ड डाउनलोड करें।

नजदीकी सेंटर चुनें और नियमित चेकअप करवाएं। आयुष सेवाओं का इस्तेमाल करें, जो प्रिवेंटिव हेल्थकेयर के लिए बेहतरीन हैं। दवाइयां समय पर लें, वरना कैशलेस का फायदा कम हो जाता है।

अगर नया सेंटर आपके शहर में आ रहा है, तो लोकल CGHS ऑफिस से संपर्क करें। यह योजना आपके स्वास्थ्य को सुरक्षित रखेगी।

स्वास्थ्य सेवाओं में नया दौर

ये नए CGHS वेलनेस सेंटर केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत हैं। भिलाई से मंगलुरु तक फैलाव से ग्रामीण क्षेत्र मजबूत होंगे। सरकार का यह प्रयास सराहनीय है, जो स्वास्थ्य को प्राथमिकता देता है।

कुल मिलाकर, CGHS अब और व्यापक हो रही है। लाभार्थी सक्रिय रहें और योजना का पूरा फायदा उठाएं। स्वास्थ्य ही धन है, इसे संभालें।

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