Directive Scheduling of Immovable Property in Government Offices 2026 : क्या आप सरकारी कर्मचारी हैं या कार्यालय प्रबंधन से जुड़े हैं? हाल ही में जारी निर्देशों ने स्थिर संपत्ति के शेड्यूल को लेकर काफी चर्चा छेड़ दी है, खासकर अप्रैल 2026 के उस सर्कुलर ने जो cag.gov.in पर उपलब्ध है। यह बदलाव कार्यालयों की संपत्ति प्रबंधन को और पारदर्शी बनाने के लिए हैं, ताकि मूल्यह्रास दरें सही हों और लेखांकन आसान बने।
What is a Fixed Asset Schedule?
स्थिर संपत्ति शेड्यूल एक व्यवस्थित रजिस्टर होता है, जिसमें कार्यालय की सभी फिक्स्ड एसेट्स जैसे फर्नीचर, कंप्यूटर, वाहन और मशीनरी का पूरा विवरण दर्ज होता है। सरकारी नियमों के अनुसार, यह शेड्यूल संपत्ति की खरीद तिथि, लागत, स्थान और स्थिति को ट्रैक करता है।
EPFO जैसे संगठनों ने 16 अप्रैल 2026 को BSC-1/2025-26/Main_File/13/344 नंबर का सर्कुलर जारी किया, जिसमें संपत्तियों के वर्गीकरण और मूल्यह्रास दरों पर स्पष्ट निर्देश हैं । इससे पहले CGDA ने 2018 में गाइडेंस नोट जारी किया था, जो फिक्स्ड एसेट्स के लेखांकन को नियंत्रित करता है।
यह शेड्यूल न सिर्फ ऑडिट के समय उपयोगी होता है, बल्कि संपत्ति के रखरखाव में भी मदद करता है।
Key Points of the New Guidelines
नए निर्देश स्थिर संपत्ति के शेड्यूल को डिजिटल बनाने पर जोर देते हैं। इसमें संपत्तियों को ब्लॉक में वर्गीकृत करना अनिवार्य है, जैसे IT इक्विपमेंट या फर्नीचर ब्लॉक।
वर्गीकरण के अनुसार, प्रत्येक ब्लॉक की अलग मूल्यह्रास दर तय होती है। उदाहरण के लिए, कंप्यूटर पर 40% और फर्नीचर पर 10% सालाना मूल्यह्रास लागू हो सकता है, जैसा कि कंपनियों एक्ट शेड्यूल II में वर्णित है। सरकारी कार्यालयों में यह GFR 2005 के फॉर्म 40 पर आधारित है।
निर्देश कहते हैं कि संपत्ति खरीद के बाद तुरंत शेड्यूल में एंट्री करें, वरना पेनल्टी लग सकती है।
How to Do Asset Classification?
संपत्तियों को चार मुख्य श्रेणियों में बांटें: स्थायी संपत्तियां, करंट एसेट्स, इनटैंजिबल और वेस्टेड एसेट्स। स्थिर संपत्ति में वे आइटम आते हैं जो लंबे समय तक उपयोग में रहें।
- बिल्डिंग्स: 5-10% मूल्यह्रास।
- प्लांट एंड मशीनरी: 15-20%।
- फर्नीचर एंड फिक्स्चर्स: 10%।
- व्हीकल्स: 15%।
ये दरें इनकम टैक्स एक्ट के अनुसार बदल सकती हैं, जहां अप्रैल-सितंबर खरीदी पर 100% और अक्टूबर-मार्च पर 50% डेप्रिशिएशन मिलता है । SAMPATI मॉड्यूल जैसे टूल्स से डेमो 25 अगस्त 2025 को आयोजित हुआ था।
Why are Depreciation Rates Important?
मूल्यह्रास संपत्ति की वास्तविक वैल्यू को दर्शाता है, जो बजट प्लानिंग में मदद करता है। गलत दर लगाने से ऑडिट में दिक्कत होती है।
लेखा मानक AS 10 के अनुसार, संपत्ति प्लांट एंड इक्विपमेंट का लेखांकन लागत मॉडल पर होता है। सरकारी क्षेत्र में GASAB ने एसेट अकाउंटिंग पर एडवाइजरी जारी की, जिसमें रजिस्टर में GPS लोकेशन तक दर्ज करने को कहा।
2021 के गवर्नमेंट अकाउंटिंग रूल्स ने एसेट ब्लॉक को कैपिटल एक्सपेंडिचर से मैच करने का नियम बनाया। इससे फंडिंग सही तरीके से आवंटित होती है।
Schedule Creation Step By Step Process
स्थिर संपत्ति शेड्यूल बनाना आसान है, अगर सिस्टमैटिक अप्रोच अपनाएं।
- सभी संपत्तियों की सूची बनाएं, खरीद बिल के साथ।
- वर्गीकरण करें: टेबल में कॉलम बनाएं- नाम, खरीद तिथि, लागत, लोकेशन, उपयोगी जीवन।
- मूल्यह्रास कैलकुलेट करें: सालाना दर x नेट बुक वैल्यू।
- डिजिटल टूल जैसे एक्सेल या SAMPATI में अपलोड करें।
- सालाना रिव्यू करें, बिक्री या डिस्पोजल नोट करें।
उदाहरण के तौर पर, एक कंप्यूटर जो 1 लाख में खरीदा गया, 4 साल की लाइफ के साथ, पहला साल 40,000 मूल्यह्रास कटेगा। CGA के सर्कुलर में e-Asset रजिस्ट्रार का जिक्र है ।
Challenges and Solutions For Schedule
कई कार्यालयों में पुरानी संपत्तियों का रिकॉर्ड गायब होता है। समाधान? फिजिकल वेरिफिकेशन ड्राइव चलाएं।
CGA ने 2018 में गाइडेंस नोट दिया, जिसमें पुरानी एसेट्स को री-वैल्यू करने को कहा। ब्लॉकचेन जैसे न्यू टेक से पारदर्शिता बढ़ेगी, जैसा सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में निर्देश दिया।
How to Ensure Compliance with Government Regulations
सभी मिनिस्ट्रीज को निर्देशों का पालन अनिवार्य है। DoPT ने संपत्ति घोषणा के नए फॉर्मेट जारी किए है।
नियम 18(2) CCS कंडक्ट रूल्स के तहत अचल संपत्ति पर रिपोर्टिंग जरूरी। देरी से अनुशासनिक कार्रवाई हो सकती है।
| आधिकारिक नोटिफिकेशन | यहां से देखे |
| अन्य शिक्षा संबंधी जानकारी | यहां से देखे |
ट्रेनिंग सेशन्स लें, जैसे EPFO का सर्कुलर में बताया। इससे E-AT सिद्धांत मजबूत होते हैं।
सही शेड्यूल से 20-30% बेहतर एसेट मैनेजमेंट होता है। बजट बचत होती है, क्योंकि डुप्लीकेट खरीद रुकती है।
AS 10 कहता है कि निवेश संपत्ति को अलग रखें। सरकारी स्तर पर यह CAG ऑडिट को आसान बनाता है।













