Railway State Provident Fund (SRPF) 2025-26: रेलवे कर्मचारियों के लिए राज्य भविष्य निधि एक सुरक्षित बचत का साधन है। वित्तीय वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026) के लिए ब्याज दर 7.1 प्रतिशत तय की गई है।
यह दर वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा जारी रेजोल्यूशन पर आधारित है। रेलवे बोर्ड ने इसे सभी जोनल रेलवे और प्रोडक्शन यूनिट्स को भेजा है।
Railway State Provident Fund 2026 Overview
राज्य रेलवे भविष्य निधि यानी SRPF रेलवे के गैर-गजेटेड कर्मचारियों के लिए एक प्रोविडेंट फंड स्कीम है। कर्मचारी अपनी सैलरी का एक हिस्सा इसमें जमा करते हैं, और सरकार बराबर योगदान देती है।
यह स्कीम रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। ब्याज चक्रवृद्धि तरीके से मिलता है, जो लंबे समय में अच्छा रिटर्न देता है।
रेलवे कर्मचारी PF नियमों के तहत इसे मैनेज करते हैं। NPS कवर वाले कर्मचारियों के लिए अलग व्यवस्था है।
2025-26 की चौथी तिमाही ब्याज दर का ऐलान
रेलवे बोर्ड ने 2026 की शुरुआत में सर्कुलर जारी किया। इसमें कहा गया कि 1 जनवरी से 31 मार्च तक SRPF पर 7.1% ब्याज लागू होगा।
यह दर पिछले तिमाहियों से अपरिवर्तित है। तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) में भी यही 7.1% था।
वित्त मंत्रालय ने सभी प्रोविडेंट फंड्स के लिए एकसमान दर तय की। इससे रेलकर्मियों को स्थिर आय सुनिश्चित होती है।
आधिकारिक सर्कुलर देखें: रेलवे बोर्ड की वेबसाइट पर FE-III सर्कुलर्स चेक करें।
Comparison of Interest Rates With previous Quarters
| तिमाही | अवधि | ब्याज दर |
|---|---|---|
| Q1 2025-26 | अप्रैल-जून 2025 | 7.1% |
| Q2 2025-26 | जुलाई-सितंबर 2025 | 7.1% |
| Q3 2025-26 | अक्टूबर-दिसंबर 2025 | 7.1% |
| Q4 2025-26 | जनवरी-मार्च 2026 | 7.1% |
यह स्थिरता मुद्रास्फीति को ध्यान में रखकर तय की जाती है। GPF और PPF जैसी स्कीम्स में भी यही दर है।
SRPF ब्याज की गणना कैसे होती है?
SRPF में ब्याज हर महीने चक्रवृद्धि आधार पर जुड़ता है। फॉर्मूला सरल है: मूलधन पर वार्षिक दर को 12 से भाग दें, फिर मासिक बैलेंस पर लागू करें।
मान लीजिए आपका बैलेंस 5 लाख रुपये है। मासिक ब्याज लगभग 2,958 रुपये (7.1%/12) होगा। साल भर में यह काफी बढ़ जाता है।
यह टैक्स-फ्री होता है, जो इसे आकर्षक बनाता है। रिटायरमेंट पर पूरी राशि एकमुश्त मिलती है।
रेलवे कर्मचारियों के लिए फायदे
SRPF रेलकर्मियों को लंबी बीमारी, शादी या घर खरीदने जैसे खर्चों के लिए एडवांस देता है। ब्याज दर सुरक्षित होने से बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाव मिलता है।
EPF की तुलना में SRPF रेलवे स्पेसिफिक है। EPF में 8.25% दर है, लेकिन SRPF सरकारी गारंटी वाला है।
कई रेलकर्मी इसे रिटायरमेंट प्लानिंग का आधार मानते हैं। स्थिर ब्याज से भविष्य सुरक्षित रहता है।
ब्याज दर तय करने का प्रोसेस
वित्त मंत्रालय हर तिमाही समीक्षा करता है। 10-वर्षीय गवर्नमेंट सिक्योरिटी यील्ड को आधार बनाया जाता है।
शुक्रवार को कैबिनेट नोटिस जारी होता है। रेलवे बोर्ड इसे लागू करने का आदेश देता है।
2025-26 में दरें स्थिर रहीं, जो आर्थिक स्थिरता दिखाती हैं।
SRPF बनाम अन्य प्रोविडेंट फंड्स
| स्कीम | ब्याज दर (2025-26) | योगदान | टैक्स बेनिफिट |
|---|---|---|---|
| SRPF | 7.1% | कर्मचारी + नियोक्ता | टैक्स-फ्री |
| GPF | 7.1% | केवल कर्मचारी | टैक्स-फ्री |
| PPF | 7.1% | व्यक्तिगत | EEE |
| EPF | 8.25% | 12% सैलरी | EEE |
SRPF रेलकर्मियों के लिए सबसे उपयुक्त है।
रिटायरमेंट प्लानिंग में SRPF का महत्व
रेलवे में लाखों कर्मचारी SRPF पर निर्भर हैं। 7.1% दर से 30 साल की सर्विस में करोड़ों जमा हो सकते हैं।
नियमित योगदान और ब्याज से चक्रवृद्धि जादू काम करता है। उदाहरण: मासिक 5,000 रुपये 20 साल तक जमा करें, तो 20 लाख से ज्यादा मिल सकता है।
इसे SIP की तरह इस्तेमाल करें।
निकासी और लोन के नियम
SRPF से लोन 12 महीने बाद मिलता है। निकासी रिटायरमेंट, मेडिकल या एजुकेशन के लिए।
पूर्ण निकासी सुपरएनुएशन पर। नियमित अपडेट के लिए रेलवे पोर्टल चेक करें।
2026-27 में दरें बढ़ सकती हैं अगर इकोनॉमी सुधरे। लेकिन स्थिरता मुख्य लक्ष्य है।
रेलकर्मी अपने PF स्टेटमेंट नियमित चेक करें।














