Railway Board HRMS Reservation : रेलवे कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर है। रेलवे बोर्ड ने हाल ही में HRMS पर आरक्षण रोस्टर को अपडेट करने का सख्त निर्देश जारी किया है। यह बदलाव SC/ST/OBC आरक्षण नीति को मजबूत बनाएगा और पदोन्नति प्रक्रिया को पारदर्शी करेगा।
Railway Board HRMS Reservation
सबसे पहले समझते हैं HRMS को। HRMS यानी Human Resource Management System, भारतीय रेलवे का एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जो कर्मचारियों के सभी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में रखता है। 26 नवंबर 2020 को रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने इसे लॉन्च किया था। इससे कर्मचारी अपना सर्विस रिकॉर्ड, प्रमोशन, लीव, ट्रेनिंग जैसी सारी जानकारी मोबाइल ऐप या वेब पोर्टल पर देख सकते हैं।
पहले पेपर पर सब रखा जाता था, जो गड़बड़ियों का कारण बनता था। अब HRMS से पारदर्शिता आई है और समय की बचत हो रही है। उदाहरण के लिए, PF एडवांस या ई-पास जैसी सुविधाएं ऑनलाइन मिल रही हैं। लाखों रेलकर्मी अब एक क्लिक पर अपनी जानकारी एक्सेस कर पाते हैं, जो पहले हफ्तों लगता था।
Railway Board HRMS Reservation Details
आरक्षण रोस्टर रेलवे में SC 15%, ST 7.5% और OBC 27% आरक्षण को लागू करने का मुख्य टूल है। यह पोस्ट-बेस्ड सिस्टम है, जहां हर कैडर के कुल पदों जितने रोस्टर पॉइंट्स बनते हैं। पार्लियामेंट्री कमेटीज और SC/ST/OBC कमीशन बार-बार इसकी सही मेंटेनेंस पर जोर देते हैं। रोस्टर सही न होने से वैकेंसी असेसमेंट और प्रमोशन में देरी होती है।
रेलवे जैसे बड़े संगठन में 12 लाख से ज्यादा कर्मचारी हैं। गलत रोस्टर से आरक्षित वर्गों को उनका हक नहीं मिल पाता। इसलिए रेलवे बोर्ड ने पोस्ट-बेस्ड रोस्टर को अपनाया है। यह सिस्टम 200 pt या 120 pt रोस्टर साइकिल पर चलता है, जो निष्पक्षता सुनिश्चित करता है।
Railway Board HRMS Reservation New Guidelines
20 फरवरी 2026 को रेलवे बोर्ड ने लेटर नंबर 2026-E(SCT)I/26/8 जारी किया। इसमें सभी GM(P) को कहा गया कि HRMS पर बाकी रोस्टर्स 30 जून 2026 तक जरूर पूरा करें। वर्तमान स्टेटस? रिक्रूटमेंट कोटा में सिर्फ 26.19%, LDCE कोटा में 36.59% और प्रमोशनल कोटा में 53.77% रोस्टर बने हैं। यह आंकड़े HRMS से लिए गए हैं।
बोर्ड ने सलाह दी है कि डेटा रिकॉन्साइल करें, कोई डेविएशन हो तो सुधारें। PCPO को प्रोग्रेस मॉनिटर करने को कहा गया है। इससे प्रमोशन सिलेक्शन तेज होगा। सभी इंडियन रेलवे जोन और PU पर लागू, RDSO, CTI को भी निर्देश। यह आदेश डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम है।
ऑर्डर की कॉपी के मुख्य पॉइंट्स:
- सभी कैडरों के रोस्टर पूरे करें।
- डेडलाइन स्ट्रिक्ट: 30 जून 2026।
- मॉनिटरिंग PCPO के हाथ में।
HRMS Roster Percentage
HRMS डैशबोर्ड से पता चलता है कि अभी सिर्फ आधे से कम रोस्टर पूरे हुए हैं। रिक्रूटमेंट में 73.81% बाकी, LDCE में 63.41% और प्रमोशन में 46.23% अधूरा। कारण? मॉड्यूल्स अलग-अलग समय पर लॉन्च हुए। रिक्रूटमेंट सबसे पहले, फिर LDCE और प्रमोशनल। समय लग गया।
रेलवे के 17 जोन और PU में हजारों कैडर हैं। हर कैडर का रोस्टर बनाना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन अब डेडलाइन साफ है। साउथ वेस्टर्न रेलवे जैसे जोन पहले से आगे हैं, बाकी को स्पीड अप करनी होगी।
जोन-वाइज प्रोग्रेस का अनुमान
| कोटा टाइप | पूर्ण (%) | बाकी (%) |
|---|---|---|
| रिक्रूटमेंट | 26.19 | 73.81 |
| LDCE | 36.59 | 63.41 |
| प्रमोशनल | 53.77 | 46.23 |
यह टेबल राष्ट्रीय औसत दिखाती है। आपके जोन का स्टेटस HRMS पर चेक करें।
रोस्टर बनाने की प्रक्रिया HRMS पोर्टल पर
रोस्टर बनाना आसान है अगर सिस्टमैटिक तरीके से करें। पहले लॉगिन करें HRMS पोर्टल पर। PF नंबर से रजिस्टर करें, OTP वेरिफाई करें।
चरणबद्ध तरीका:
- लॉगिन और नेविगेट: Reservation Roster मॉड्यूल में जाएं। रिक्रूटमेंट/LDCE/प्रमोशनल चुनें।
- डेटा एंटर: कैडर डिटेल्स, कुल पोस्ट्स, आरक्षण प्रतिशत डालें। 40/50/120 पॉइंट रोस्टर चुनें।
- वेरिफाई: लिजन ऑफिसर या APO(RP) अप्रूव करे। SC/ST सेल चेक करे।
- सबमिट: सेव करें, स्टेटस ट्रैक करें।
APO को नई पावर मिली है एक्सेप्टिंग के लिए। इससे तेजी आएगी। गलती सुधारने के लिए CRIS हेल्पलाइन पर संपर्क करें। मोबाइल ऐप से भी एक्सेस करें।
HRMS Railway Board Benefits
HRMS रोस्टर से पारदर्शिता बढ़ेगी। प्रमोशन में विवाद कम होंगे, क्योंकि डेटा ऑनलाइन दिखेगा। कर्मचारियों को साफ पता चलेगा कि उनका हक कब मिलेगा। मैनेजमेंट को वैकेंसी सही असेसमेंट मिलेगा।
डेटा एक्यूरेसी बढ़ेगी, रिसोर्स अलोकेशन बेहतर होगा। संसदीय कमेटीज की चिंताएं दूर होंगी। उदाहरण: एक रेल कर्मचारी अब ऐप से अपना रोस्टर पॉइंट चेक कर सकता है, पुराने पेपर रजिस्टर की जरूरत नहीं। पिछले साल 5 लाख से ज्यादा कर्मचारियों ने HRMS का इस्तेमाल किया।
यह ऑर्डर रेलवे को फुल डिजिटल बनाएगा। जल्द ही सभी HR फंक्शंस HRMS पर शिफ्ट हो जाएंगे। SC/ST/OBC को उनका पूरा हक मिलेगा। पदोन्नति तेज, विवाद कम।














